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Saturday, March 14, 2020

प्राइमरी स्कूलों में 16 से होने वाली परीक्षाएं स्थगित, अब 23 से होंगी



बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित सरकारी स्कूलों में 16 मार्च से होने वाली परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं। यह फैसला राज्य शासन के उस आदेश के बाद हुआ, जिसमें 22 मार्च तक स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया गया। स्कूलों की परीक्षाओं के बारे में शासन ने सूचना मांगी थी।
कक्षा एक से आठ तक की परीक्षाएं 16 मार्च से होने वाली थीं। टाइम-टेबुल घोषित कर दिया गया है। प्रश्नपत्र तैयार थे। खंड शिक्षा अधिकारियों को इस बाबत आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिया गया था। विद्यार्थी तैयारी में जुटे थे। राज्य शासन का निर्देश मिलते ही बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश सिंह ने सभी एबीएसए को परीक्षा स्थगित करने की सूचना देते हुए कार्रवाई करने को कहा है। जिले के 1368 स्कूलों में परीक्षाएं होने वाली थीं। परीक्षाएं अब 23 से 28 मार्च के बीच होंगी।
कोरोना वायरस से बचाव संबंधी पोस्टर स्कूलों में लगाने का निर्देश दिया गया है। बीएसए राकेश सिंह ने बताया कि स्कूल पूर्णतया बंद रहेंगे। शिक्षकों और कर्मचारियों के बाबत कोई सूचना होने पर उन्हें सूचित किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार की रात में ही सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों से यह सूचना मांगी गई थी कि उनके यहां कितने स्कूलों में गृह परीक्षाएं चल रहीं हैं और कितने स्कूलों में प्रस्तावित हैं। विभिन्न बोर्डों के स्कूलों के बारे में जानकारी मांगी गई थी। शिक्षा निदेशक की ओर से ई-मेल आया था। शनिवार को सूचना शिक्षा निदेशक को भेज दी गई थी।

Friday, August 16, 2019

वाराणसीः प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका से एबीएसए ने की छेड़छाड़, गिरफ्तारी के लिए जबरदस्त हंगामा



वाराणसी में चिरईगांव ब्लाक के प्राथमिक ब्लाक की शिक्षिका से छेड़छाड़ के आरोपी एबीएसए के खिलाफ शुक्रवार को शिक्षक-शिक्षिकाओं ने जबरदस्त हंगामा किया। धरना-प्रदर्शन के कारण बीएसए कार्यालय का कामकाज प्रभावित रहा। पुलिस के रवैये पर शिक्षक-शिक्षिकाओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर भी धरना दिया।
चिरईगांव ब्लाक के एक प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका ने एबीएसए रविशंकर यादव पर छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए चोलापुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। विभाग ने भी इस मामले को संज्ञान में लिया और बेसिक शिक्षा निदेशक ने बीएसए से रिपोर्ट मांगी। बीएसए की ओर से रिपोर्ट भेज दी गई। न तो पुलिस की ओर से और  न ही विभाग की ओर से कोई कार्रवाई होने पर शिक्षक शिक्षिकाओं का गुस्सा फूट पड़ा।
नाराज शिक्षिकाओं और शिक्षकों ने कहा कि एबीएसए के खिलाफ अभी तक दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई। विभाग उन्हें बचाने की कोशिश में लगा है। इतना गंभीर आरोप लगने के बाद भी एबीएसए को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया और न ही विभाग ने निलंबित किया। 
बीएसए कार्यालय पर करीब पांच बजे तक शिक्षक-शिक्षिकाएं धरने पर रहे। हंगामे की स्थिति को देखते हुए पीएसी और आरएएफ की महिला बटालियन को वहां लगाया गया। वहींबीएसए जय सिंह का कहना है कि उनके स्तर से कार्रवाई हो गई है। इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति भी गठित है। एबीएसए राजपत्रित अधिकारी हैं। उनके खिलाफ निदेशालय स्तर से निर्णय होना है।
उन्होंने बताया रविशंकर यादव से चार्ज ले लिया गया है। एबीएसए (वरुणापार) रामटहल को चिरईगांव ब्लाक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बाद शिक्षकों ने अपना धरना  समाप्त किया। यहां से वह जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने वहां भी अपनी शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना था इस मामले में पुलिस का रवैया ठीक नहीं है। निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। धरना-प्रदर्शन में जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष विनोद उपाध्याय,  शैलेंद्र विक्रम सिंह, विनोद सिंह, सकलदेव सिंह, संतोष सिंह आदि शामिल थे।
अनुपस्थित थे तो झंडा कैसे फहराया
धरना प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने आरोप लगाया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद चिरईंगांव एबीएसए को अनुपस्थित बताया जा रहा है। मगर उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर बीआरसी पर झंडा फहरा दिया। यह कैसे हुआ?

Tuesday, July 30, 2019

वाराणसी : समायोजन के लिए संशोधित 579 सरप्लस शिक्षकों की सूची सोमवार को जारी, वरीयता सूची में जवानों की पत्नी भी


  •  संशोधित 579 सरप्लस शिक्षकों की सूची जारी, अध्यापकों ने की आपत्ति
  •  बीएसए ने किया खारिज, डायट में समायोजन आज से, तैयारी पूरी
  • पहले दिन प्राथमिक विद्यालयों के 440 शिक्षकों से मांगे जाएंगे विकल्प

बेसिक शिक्षा विभाग ने समायोजन के लिए संशोधित 579 सरप्लस शिक्षकों की सूची सोमवार को जारी कर दी है। दूसरी ओर सूची जारी होते ही शिक्षकों में खलबली मच गई है। आरोप है कि आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) व सीआइएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) की प}ियों को वरीयता सूची में शामिल कर लिया गया है जबकि समायोजन में दिव्यांग व सिर्फ सेना में जवानों के पति व पत्नी को वरीयता मिलनी चाहिए। इस संबंध में शिक्षकों ने आपत्ति भी जताई है।
वहीं बीएसए जय सिंह ने शिक्षकों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अर्ध सैनिक बल के जवानों की प}ियों को ही वरीयता सूची में शामिल किया गया है। संशोधित सूची के आधार पर शिक्षकों का समायोजन 30 जुलाई से करने का निर्णय लिया गया है। पहले दिन समायोजन के लिए प्राथमिक विद्यालयों के 440 शिक्षकों को सारनाथ स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) दोपहर 12 बजे बुलाया गया है। वहीं 31 जुलाई को दोपहर 12 बजे से उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सरप्लस 139 शिक्षकों को बुलाया गया है। कहा कि इस दौरान विद्यालयों में रिक्त पदों के सापेक्ष शिक्षकों से विकल्प मांगे जाएंगे। विकल्प के अनुसार ही संबंधित विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।
हर विद्यालय में होंगी एक महिला शिक्षक : हर विद्यालय में कम से कम एक महिला शिक्षक की तैनाती करने की योजना है। समायोजन में इसका भी ध्यान रखा जाएगा। इससे पहले 576 सरप्लस शिक्षकों की सूची जारी की गई थी। 16 17 जुलाई को समायोजन होना था। शिक्षकों के विरोध के चलते बीएसए ने समायोजन स्थगित कर दिया था।

Wednesday, July 24, 2019

वाराणसी : बीएसए ने तीन हेडमास्टरों का रोका वेतन, चेतावनी


परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता नहीं सुधर रही है। तमाम चेतावनी के बावजूद उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर कर अध्यापक गायब रहते हैं। यहीं नहीं बच्चों की उपस्थिति पंजिका भी आधी-अधूरी भरी जा रही है। विद्यालय परिसर में गंदगी पसरी हुई है। अध्यापकों का साफ-सफाई पर भी कोई ध्यान नहीं है। इसे देखते हुए बीएसए जय सिंह ने मंगलवार को तीन विद्यालयों के प्रभारी हेड मास्टरों का अग्रिम आदेश तक के लिए वेतन रोक दिया है। वहीं एक शिक्षामित्र के एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया।
बीएसए ने बड़ागांव व ¨पडरा ब्लॉक के तीन विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान प्राथमिक विद्यालय (नामापुर) का परिसर काफी गंदा मिला। शौचालय भी साफ नहीं थे। एक सहायक अध्यापिका गायब थीं। वहीं बीएसए के पहुंचते ही प्रभारी हेडमास्टर रीना श्रीवास्तव रजिस्टर भरने लगीं। प्राथमिक व उच्च विद्यालय (गांगकला) का भी परिसर व शौचालय गंदा मिला। प्राथमिक विद्यालय की शिक्षामित्र उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर कर गायब थीं। इसी प्रकार उच्च प्राथमिक विद्यालय में शैक्षिक गुणवत्ता खराब मिली। विद्यालय परिसर, शौचालय, किचेन गंदा था। इसे देखते हुए बीएसए ने दोनों विद्यालयों के प्रभारी हेडमास्टर मंगला प्रसाद व अशोक सिंह का वेतन अगले आदेश तक के लिए रोक दिया।

वाराणसी: चार विद्यालयों को मान्यता समाप्त करने का नोटिस


आरटीई के तहत चयनित बच्चों का मुफ्त दाखिला लेने में हीलाहवालीतीन दिन में प्रवेश नहीं लेने पर कार्रवाई की चेतावनीविद्यालय आवंटन के बाद 4000 बच्चे अब भी वंचित

इन्हें दिया गया नोटिस

  • अमर पब्लिक स्कूल (सारनाथ)
  • सनबीम स्कूल (बाबतपुर)
  • एब्स रोलैंड स्कूल (शिवपुर)
  • केयर एंड कैरियर (मंडुआडीह)

Friday, July 19, 2019

वाराणसी : 107 हेडमास्टरों की छिनेगी कुर्सी


  • एक ही परिसर में संचालित होने वाले 222 प्राइमरी व जूनियर विद्यालयों हुआ विलय
  • वरिष्ठतम प्रधानाध्यापकों को सौंपा जाएगा वित्तीय व प्रशासनिक नियंत्रण
  • साझा होगा चूल्हा, दोनों विद्यालयों में एक साथ पकेगा मध्याह्न् भोजन
  • एक ही परिसर में अलग-अलग संचालित हो रहे 222 विद्यालयों के विलय की औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी है। हालांकि प्राथमिक विद्यालयों के हेडमास्टर अभी नहीं हटाए गए हैं। इसकी कार्रवाई भी जल्द पूरी की जाएगी ताकि विलय हुए विद्यालयों में एमडीएम एक साथ बन सके। -जय सिंह, बीएसए

एक ही परिसर में अलग-अलग चल रहे 222 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का विलय कर दिया गया है। एक होने से प्राथमिक विद्यालयों में 107 हेडमास्टरों का पद समाप्त होना तय है। हालांकि इन प्राथमिक विद्यालयों में अब भी हेड मास्टर बने हुए हैं। इन्हें जल्द हटाने का निर्णय लिया गया है। वहीं इन प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अब साझा चूल्हा एमडीएम बनेगा। दोनों विद्यालयों में दोपहर का भोजन अलग-अलग बन रहा था।
जनपद में 1367 परिषदीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसमें 1013 प्राथमिक विद्यालय भी शामिल हैं। वहीं 222 ऐसे विद्यालय थे जो एक ही परिसर में प्राथमिक (कक्षा एक से पांच तक) व उच्च प्राथमिक विद्यालय (कक्षा छह, सात व आठ) संचालित हो रहे थे। एक ही परिसर होने के बावजूद दोनों विद्यालयों के हेडमास्टर अलग-अलग हैं। विलय के बाद इन विद्यालयों में अब एक ही हेडमास्टर होंगे। शासन ने विद्यालय का वित्तीय व प्रशासनिक नियंत्रण की जिम्मेदारी वरिष्ठतम प्रधानाध्यापक को सौंपने का निर्देश दिया है। दूसरी ओर शासन ने पूर्व में सृजित अध्यापकों व हेडमास्टरों के पदों यथावत रखने का भी आश्वासन दिया है। ऐसे में सत्र जनपद में परिषदीय विद्यालयों की संख्या घटकर 1145 हो जाएगी।


Tuesday, July 16, 2019

वाराणसी: जनपद में 576 शिक्षक अतिरिक्त


वाराणसी जनपद के परिषदीय विद्यालयों में 576 शिक्षक सरप्लस हैं। इनमें 433 प्राथमिक व 143 उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। वहीं 310 विद्यालयों में 656 अध्यापकों के पद रिक्त हैं। छात्र अनुपात में जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है। सरप्लस शिक्षक उन्हीं विद्यालयों में समायोजित किए जाएंगे। शिक्षकों का समायोजन 25 जुलाई तक करने का निर्णय लिया गया है।
शासन 15 जुलाई तक शिक्षकों का समायोजन करने का निर्देश दिया था। वहीं स्पष्ट गाइड लाइन के अभाव में सूबे के किसी भी जनपद में अब तक शिक्षकों का समायोजन नहीं हो सका है। राइट-टू-एजुकेशन (आरटीई) के मानक के तहत नामांकित बच्चों पर शिक्षकों की तैनाती का उल्लेख है।

Friday, July 12, 2019

वाराणसी: 50 फीसद बच्चों को अब तक नहीं मिली डेस


शासन ने परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को 15 जुलाई तक दो सेट मुफ्त यूनिफार्म वितरित करने का निर्देश दिया है। वहीं अब तक महज 50 फीसद बच्चों को डेस मिल सका है। ऐसे में अब चार दिनों में 94442 बच्चों को दो डेस उपलब्ध कराना बेसिक शिक्षा के लिए चुनौती बन गया है।
परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक तथा राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा एक से आठ तक के 188884 बच्चों को मुफ्त दो सेट यूनिफार्म मिलनी है। वहीं स्काउट-गाइड के बच्चों को दो में से एक सेट यूनिफार्म स्काउट-गाइड का उपलब्ध करना है। खास बात यह है कि इस वर्ष प्रतिसेट यूनिफार्म की दर 200 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया है।
80 हजार बच्चे हुए बाहर: पहले यूनिफार्म का वितरण सर्व शिक्षा अभियान से किया जाता था। केंद्र सरकार ने सर्व शिक्षा अभियान बंद कर दिया है। इसके स्थान पर समग्र शिक्षा अभियान शुरू किया गया है। वहीं समग्र शिक्षा अभियान में अनुदानित प्राथमिक, उच्च माध्यमिक, माध्यमिक अनुदानित, अनुदानित मदरसा को बाहर कर दिया है। ऐसे में इस वर्ष करीब 80 हजार बच्चे मुफ्त यूनिफार्म के दौड़ से बाहर हो गए हैं।

Wednesday, July 10, 2019

वाराणसी : 50 परिषदीय विद्यालय होंगे मॉडल


जनपद के 50 विद्यालयों को मॉडल बनाने का निर्णय लिया गया है। इन स्कूलों के बच्चों को पढ़ने के लिए लर्निग लैब स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा भवन, फर्श, दीवारों को मरम्मत, फूल-पौधों से विद्यालयों को आकर्षक बनाया जाएगा। साथ ही लर्निग लैब, हैंडवाश, पेयजल, सहित अन्य सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

लर्निग लैब विकसित करने के लिए मंगलवार को प्राथमिक विद्यालय (सिहोरवा) में आयोजित उन्मुखीकरण कार्यशाला में ये बातें बतौर मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी गौरांग राठी ने कही। बेसिक शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग के संयुक्त तत्वाधान में जीइएजी व यूनिसेफ के सहयोग में आयोजित कार्यशाला में उन्होंने बरसाती पानी के संचयन के लिए विद्यालय में गड्ढा बनाने का सुझाव दिया। साथ ही पौधरोपण करने का निर्देश दिया। वास परियोजना, यूनीसेफ के मंडलीय सलाहकार ने कहा कि स्वच्छ विद्यालयों को पुरस्कृत किया जाना चाहिए ताकि उनका मनोबल और बढ़ सके। उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प तहत विद्यालयों में शौचालय, मूत्रलय, हैंड वाशिंग, स्वच्छ पेयजल, जल संरक्षण सहित अन्य कार्य कराने का सुझाव दिया। इस मौके पर बीएसए जय सिंह, आठ बीईओ, सहायक विकास अधिकारी, 50 विद्यालयों के अध्यापक, सचिव ग्राम प्रधान, परियोजना के मंडलीय सलाहकार विद्या भूषण सिंह वाश परियोजना नन्हकू सरोज सहित लोग उपस्थित थे।
स्वागत व संचालन डीआरपी वास परियोजना जीईएजी यूनीसेफ के जितेंद्र द्विवेदी ने किया।

वाराणसी : आठ बजे से खुलेंगे स्कूल


नर्सरी से जूनियर हाईस्कूल स्तर के विद्यालय दस जुलाई से सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक संचालित होंगे। तेज धूप व गर्मी को देखते हुए डीएम ने पहली जुलाई से नर्सरी से कक्षा आठ तक के सभी स्कूल सुबह सात बजे से 11.30 बजे तक कर दिया था। वहीं मौसम सामान्य होते ही डीएम सुरेंद्र सिंह ने पुन : आठ बजे तक का स्कूल कर दिया है। बीएसए जय सिंह ने बताया कि डीएम का यह आदेश परिषदीय, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त, सीबीएसई, सीआइएससीई सहित सभी बोर्डो के विद्यालयों पर समान रूप से प्रभावी होगा

Friday, July 5, 2019

वाराणसी : सात शिक्षकों का रोका वेतन, 11 को चेतावनी


अध्यापकों की उदासीनता के चलते जनपद के कई परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति अभी भी 50 फीसद से कम है। यही नहीं, विद्यालय परिसर भी काफी गंदा है। इससे नाराज बीएसए ने अगले आदेश तक सात अध्यापकों का वेतन रोक दिया है और 11 शिक्षकों को चेतावनी भी दी है।
बीएसए जय सिंह ने गुरुवार को प्राथमिक विद्यालय (सत्यबलपुर व रजनहिया) का निरीक्षण किया। हरहुआ ब्लॉक के सत्यबलपुर विद्यालय में पंजीकृत 128 बच्चों में से महज 58 बच्चे क्लास में उपस्थित थे। शौचालय सहित विद्यालय परिसर काफी गंदा मिला। इस विद्यालय में हेड मास्टर सहित सात शिक्षक नियुक्त है। इन सभी का वेतन रोक दिया। दूसरी ओर चिरईगांव ब्लाक के रजनहिया विद्यालय में पंजीकृत 128 बच्चों में से 69 बच्चे पढ़ते हुए मिले। इस विद्यालय में हेडमास्टर के अलावा सात सहायक अध्यापक व तीन शिक्षामित्र तैनात है। बगैर सूचना के गायब रहने पर बीएसए ने एक शिक्षामित्र का एक दिन का मानदेय काटने का निर्देश दिया। वहीं बच्चों की कम उपस्थिति, साफ-सफाई संतोषजनक न मिलने पर उन्होंने हेडमास्टर सहित सभी 11 शिक्षकों को चेतावनी दी है।

वाराणसी: समायोजन से शिक्षकों में मची खलबली


Sunday, June 30, 2019

वाराणसी : स्थानांतरण नीति के विरोध में धरना-प्रदर्शन


स्थानांतरण नीति के विरोध में यूपी एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफिसर्स एसोसिएशन ने शनिवार को डीआइओएस कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान सभा कर कर्मचारियों ने शिक्षा निदेशक को कोसा और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। दोपहर बाद कर्मचारियों ने शिक्षा निदेशक को संबोधित डीआइओएस को ज्ञापन भी सौंपा। कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के चलते डीआइओएस कार्यालय का कामकाज ठप रहा। वक्ताओं ने कहा कि समूह के कर्मचारियों के स्थानांतरण को लेकर शिक्षा निदेशक की मंशा ठीक नहीं हैं। इस क्रम में पांच जुलाई को मंडल स्तर का धरना-प्रदर्शन जेडी कार्यालय में करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद मांग पूरी न होने पर प्रांतीय स्तर पर सूबे के सभी डीआइओएस कार्यालयों पर 11 जुलाई को विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से मंडलीय सचिव अनंत किशोर, जनदीय अध्यक्ष बिपिन कुमार सिंह, केशव सिंह, धीरज सिंह आदि थे।

वाराणसी : मदरसों में भी चलेंगी वर्चुअल कक्षाएं


दीनी तालीम के साथ मदरसों के तालिबे-इल्म अब आधुनिक ज्ञान भी हासिल करेंगे, वह भी बिल्कुल हाइटेक तरीके से। यह बातें अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को मुंबई से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मदरसा छात्रओं व शिक्षकों से बातचीत के दौरान कहीं।
बताया कि दूर बैठे शिक्षक से बच्चे अंग्रेजी व गणित ही नहीं विज्ञान जैसे विषय भी वचरुअल तरीके से पढ़ सकेंगे। छात्रों को रोजगार से जोड़ने के लिए पाठ्यक्रम में थोड़े बदलाव भी किए जा रहे हैं। साथ ही केंद्र सरकार की ओर से कई योजनाएं भी शुरू की गई हैं। कहा, बनारस के साथ ही देश में वचरुअल क्लास चलाने के लिए मदरसों की सूची तैयार की जा रही।
इसका फायदा ये होगा कि बिना अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति के ही एक ही समय में कई मदरसों के छात्र-छात्रओं को एक साथ हिन्दी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान जैसे विषय की शिक्षा दी जा सकेगी। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने मदरसा चरागे उलूम में स्थापित वचरुअल क्लास की जानकारी ली। केंद्र के समन्वयक अब्दुल मतीन कैफी ने वचरुअल क्लास के माध्यम से अंग्रेजी व गणित के अलावा विज्ञान विषय पढ़ाए जाने की मांग की। इस दौरान शिक्षिका सुल्ताना बेगम, कुमारी अमरीन, किशन जायसवाल आदि थे।

दो साल पहले स्थापित हुआ था केंद्र

फरवरी 2017 में तालीम-ओ-तरबियतअभियान के तहत वचरुअल क्लास के दो केंद्र मदरसा दारूल उलूम साकीनाका -महाराष्ट्र व मदरसा दायरतुल इस्लाह चरागे उलूम-वाराणसी शुरू किए गए थे। इसमें कक्षा नौ से 12 के छात्र-छात्रओं को अंग्रेजी व गणित विषय पढ़ाए जाते हैं। इसकी पहल मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलाधिपति जफर सरेशवाला ने की थी।