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Tuesday, July 23, 2019
Monday, July 8, 2019
Wednesday, April 17, 2019
Tuesday, April 16, 2019
Monday, July 9, 2018
यूपी-बिहार में आधे बच्चों को नहीं मिल पाता मिड-डे मील
स्कूलों में बच्चों के लिए शुरू की गई मिड-डे मील योजना उत्तर
प्रदेश और बिहार में हांफती नजर आ रही है। इन दोनों राज्यों में आधे बच्चों को
मध्यान्ह भोजन नहीं मिल पा रहा है।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय और प्रोग्राम अप्रूवल बोर्ड की बैठक
में यह आंकड़े सामने आए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर 76% बच्चों को
मिड-डे मील नहीं मिलता। यूपी में प्राथमिक स्तर पर 41% और
उच्च प्राथमिक स्कूलों में 47% को मिड-डे मील नहीं मिलता।
गाजियाबाद में उच्च प्राथमिक स्कूलों में 57% वंचित हैं।
बुलंदशहर में यह आंकड़ा सर्वाधिक 67% है। प्राथमिक स्तर पर
सबसे खराब रिकॉर्ड श्रावस्ती जिले का है, जहां 52% वंचित हैं। मंत्रालय के अनुसार यूपी, बिहार के कारण
राष्ट्रीय औसत बिगड़ा है। इन्हें बाहर रखकर औसत निकालें तो यह 85% होगा।
यूपी के प्राथमिक स्कूलों में सबसे अधिक श्रावस्ती जिले में 52 फीसदी वंचित, महाराष्ट्र-कर्नाटक में 90 फीसदी बच्चे लाभांवित
यूपी
के इन जिलों का सबसे खराब प्रदर्शन-
प्राथमिक स्कूल-
श्रावस्ती-52%
संभल-50%
रायबरेली-49%
पीलीभीत-48%
इलाहाबाद-48%
प्राथमिक स्कूल-
श्रावस्ती-52%
संभल-50%
रायबरेली-49%
पीलीभीत-48%
इलाहाबाद-48%
उच्च
प्राथमिक स्कूल-
बुलंदशहर-67%
मुजफ्फरनगर-64%
फिरोजाबाद-59%
गाजियाबाद-57%
अलीगढ़-56%
बुलंदशहर-67%
मुजफ्फरनगर-64%
फिरोजाबाद-59%
गाजियाबाद-57%
अलीगढ़-56%
बिहार
में इन जिलों का प्रदर्शन सबसे खराब-
प्राथमिक स्कूल-
कटिहार-58 %
शिवहर-56%
अरवल-46%
वैशाली-45%
किशनगंज-44%
प्राथमिक स्कूल-
कटिहार-58 %
शिवहर-56%
अरवल-46%
वैशाली-45%
किशनगंज-44%
उच्च
प्राथमिक स्कूल-
कटिहार-65%
अरवल-55%
सुपौल-52 %
अररिया-52%
पूर्णिया-51%
कटिहार-65%
अरवल-55%
सुपौल-52 %
अररिया-52%
पूर्णिया-51%
Tuesday, June 5, 2018
Wednesday, May 30, 2018
हॉट कुक्ड व मध्याह्न भोजन योजना का मीनू एक होगा
बेसिक स्कूलों में पकेगा आंगनबाड़ी केंद्रों का मिडडे मील
बेसिक स्कूलों में ही अब आंगनबाड़ी केंद्रों का भी मिडडे मील पकाया जाएगा।
योगी कैबिनेट ने आंगनबाड़ी केंद्रों में पिछले काफी समय से बंद चल रही हॉट एंड
कुक्ड फूड योजना शुरू करने का फैसला किया है। इस बार इसे स्कूलों में वितरित होने
वाले मिड-डे-मील के साथ जोड़ दिया गया है। फिलहाल छह महीने तक ट्रॉयल के लिए इसे
मंजूरी दी गई है। योजना सफल होने पर इसे नियमित कर दिया जाएगा। दरअसल, आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले तीन वर्ष से लेकर छह वर्ष तक के बच्चों
को मॉर्निग स्नैक्स के साथ हॉट एंड कुक्ड फूड दिया जाता था। सपा सरकार के समय यह
योजना एनजीओ को सौंप दी गई थी, लेकिन कई जिलों में इसमें
जबरदस्त घपला हो गया था। बच्चों को बगैर खाना खिलाये ही लाखों रुपये के बिल भुगतान
के लग गए थे।
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