नर्सरी में
दाखिला
Updated on: Sat, 14 Dec 2013 08:24
AM (IST)
दिल्ली
में नर्सरी दाखिले को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। अधिकतर निजी स्कूलों की
मनमानी पर रोक न लगना गंभीर चिंता का विषय है। इससे अभिभावकों को भारी परेशानी का
सामना करना पड़ता है। राजधानी के स्कूलों में नर्सरी दाखिले की प्रक्रिया जनवरी से
शुरू होने वाली है। लाख कोशिशों के बाद भी कई निजी स्कूल दाखिले के लिए अभिभावकों
को परेशान करने का मौका नहीं छोड़ रहे हैं। जहां कई निजी स्कूल प्वाइंट निर्धारण
में मनमानी करते हैं तो कई दाखिला प्रक्रिया में बेवजह परेशानी खड़ी करते हैं।
विरोध व निर्देश के बाद भी हर साल अभिभावकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। यही
नहीं अधिकांश स्कूलों में फीस से जुड़ी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की जाती हैं तो
कुछ स्कूल ईडब्लूएस कोटे से दाखिला संबंधी फार्म लेने से मना कर देते हैं। इस बार
की भी स्थिति ऐसी ही बन रही है। नर्सरी दाखिले को लेकर विगत वर्षो में अभिभावको को
होने वाली परेशानी को देखते हुए इस वर्ष ऐसी स्थिति पैदा न हो इसके लिए संबंधित
विभाग के स्तर पर प्रयास किए जाने चाहिए, पर अभी तक ऐसा देखने
को नहीं मिल रहा है। निजी स्कूलों के रवैये को देखते हुए यह सुनिश्चित किया जाना
चाहिए कि सभी स्कूलों में नर्सरी दाखिला निर्धारित नियमों के अनुसार हो और स्कूल
किसी भी स्तर पर कोई गड़बड़ी न करने पाएं। सख्त निर्देशों के बाद भी गड़बड़ियां मिलने
पर संबंधित निजी स्कूलों को बक्शा नहीं जाना चाहिए, उनके
खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। शिक्षा निदेशालय को पूरी दाखिला प्रक्रिया पर
सतर्क निगरानी रखनी होगी, ताकि प्रवेश नियमों के अनरूप हो,
आरक्षित कोटे के तहत किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो और अभिभावकों को
बेवजह परेशान न किया जा सके।
अपने बच्चे के भविष्य के लिए बेहतर प्रयास करना अच्छी बात है पर इसके
लिए दिखावे में अंधी दौड़ लगाना उचित नहीं कहा जा सकता। ऐसे स्कूलों में जहां मानक
व नियम दुरुस्त न हों वहां बच्चों को डालने से बचना चाहिए। इन स्कूलों का विकल्प
ढूंढ़ना चाहिए। दिल्ली में बहुत सारे सरकारी व गैरसरकारी स्कूल हैं जहां बच्चों को
अच्छी शिक्षा के साथ सुरक्षा भी मुहैया कराई जा रही है। जबकि जिन स्कूलों के लिए
मारामारी मच रही है वहां भी इन सब चीजों की गारंटी नहीं दी जा सकती। अभिभावकों को
समझना होगा कि उनकी मजबूरी का कोई गलत फायदा न उठा सके।
साभार दैनिकजागरण