प्रधान
नहीं बनवाएंगे मध्याह्न भोजन
कहा, समय से धन नहीं मिलता,
कब तक
खिलाएंगे बच्चों को
• संवाददाता
सेवापुरी वाराणसी । ग्राम प्रधान संघ की
शनिवार को सिरिहरा में संगठन कार्यालय पर हुई बैठक में ग्राम प्रधानों ने
विद्यालयों में मध्याह्न भोजन नहीं बनवाने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि समय से
कनवर्जन कास्ट नहीं मिलने से उन्हें उधार में सामान लेना पड़ रहा है। प्रधानाध्यापकों
का भी सहयोग नहीं मिल रहा है। उनकी समस्याएं नहीं सुनी जा रही हैं। अधिकार के लिए 18 दिसंबर को जिला
मुख्यालय पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने की भी अपील की गई।
ग्राम
प्रधान संघ के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि ग्राम प्रधानों को उनका
अधिकार नहीं दिया जा रहा है। विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनवाने की जिम्मेदारी
उन्हें दी गई है लेकिन न तो कनवर्जन कास्ट समय से मिलता है और न ही उनकी समस्याएं
सुनी जाती हैं। स्थिति यह है कि रसोइयों का मानदेय भी बकाया है। समय से धन न मिलने
के कारण प्रधानों को उधार सामान लेकर एमडीएम बनवाना पड़ रहा है। आरोप लगाया कि इस
कार्य में प्रधानाध्यापकों का सहयोग नहीं मिल रहा है।
सर्वसम्मति
से तय किया गया कि प्रधान एक सप्ताह के अंदर एमडीएम बनवाने का कार्य पूरी तरह से
ठप करेंगे। क्षेत्र के कंसरायपुर, गजेपुर, भिरकुटी और खरगूपुर
में शनिवार को एमडीएम नहीं बना। उन्होंने प्रधानों से 18 दिसंबर को जिला
मुख्यालय पर प्रस्तावित धरना प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की। बैठक में संजय
दुबे, विजय
प्रताप सिंह, रवींद्र
पटेल, जितेंद्र
सिंह, सुषमा, शकुंतला, नंदलाल गुप्ता, मनवास पटेल, योगेंद्र राम समेत 82 गांवों के प्रधान
मौजूद थे।
साभार अमरउजाला