Saturday, March 28, 2020

प्री- प्राइमरी स्कूल के रूप में संचालित होंगे आंगनबाड़ी केंद्र


अप्रैल 2021 से शुरू होगी नई व्यवस्था, यूनिसेफ भी करेगा मदद आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे  प्री-प्राइमरी स्कूल  - बेसिक शिक्षा विभाग ने अप्रैल 2021 से केंद्रों को प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में संचालित करने की योजना बनाई  - मुख्यमंत्री की पहल, यूनिसेफ भी करेगा सहयोग 
प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी  केंद्रों को अप्रैल 2021 से प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में संचालित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर बेसिक शिक्षा विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार किया है। प्री-प्राइमरी स्कूलों के संचालन में यूनिसेफ भी विभाग की मदद करेगा। नई शिक्षा नीति में राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में भी प्री-प्राइमरी स्कूल संचालित करने का प्रावधान है। प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में अभी कक्षा 1 से 5 तक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक संचालित होती है। मुख्यमंत्री ने गत दिनों एक बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में संचालित करने को कहा था। सीएम की पहल पर बेसिक शिक्षा विभाग ने इसकी योजना बनाई है।  अप्रैल-2021 से प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में संचालित किया जाएगा। प्री-प्राइमरी से ही बच्चों को सीबीएसई से संबंद्ध निजी स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा दी जाएगी  ताकि पहली कक्षा में पहुंचने पर बच्चों को एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम पढ़ने में परेशानी नहीं हो। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आगामी शैक्षिक सत्र से ही चरणबद्ध प्रशिक्षित भी किया जाएगा।  यूनिसेफ भी करेगा मदद  प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में संचालित करने पर यूनिसेफ भी मदद करेगा। यूनिसेफ की यूपी स्टेट चीफ रूथ लियानो ने विभाग को पत्र लिखकर मदद का आश्वासन दिया है। उनका मानना है कि प्री-प्राइमरी स्कूल से बच्चों में शारीरिक, सामाजिक, भावनात्मक और बौद्धिक विकास होगा। इससे बच्चों की नींव भी मजबूत होगी। इनका कहना है  आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-प्राइमरी स्कूल के रूप में संचालित किया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। अप्रैल 2021 से इस व्यवस्था को लागू करने की योजना है।  सतीश द्विवेदी, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)