साढ़े तीन लाख
नौकरियों का दांव
Updated on: Sat, 14 Dec 2013 11:34
AM (IST)
दरअसल, सरकार चाहती है कि छह महीने में लंबित भर्ती
प्रक्रिया को शुरू कर बेरोजगारों को नौकरी मुहैया कराने के साथ ही काम के बोझ से
दबे कर्मचारियों की महत्वपूर्ण मांगों में शामिल खाली पदों को भरने की मांग पूरी
कर दी जाए। नियुक्ति विभाग सरकारी महकमों में खाली पड़े पदों का ब्यौरा जुटाने के
बाद बड़े पैमाने पर नई भर्तिया घोषित करने और विभागों से भर्तियां पूरी कराने की
कवायद में जुटा है। नई भर्तियों में सचिवालय, प्रदेश
मुख्यालय, मंडल और जिला से लेकर ब्लॉक स्तर तक की भर्तियां
शामिल हैं। राजपत्रित व अराजपत्रित दोनों श्रेणी की भर्तियां भी इनमें शामिल हैं।
जिलों और मुख्यालय स्तर तक के खाली पदों को लेकर जुटाए आंकड़ों के
अनुसार मौजूदा समय में 80 से अधिक महकमों में सर्वाधिक पद कृषि, पुलिस, चिकित्सा, पंचायतीराज,
राजस्व, ग्राम्य विकास, सिंचाई
और शिक्षा में खाली हैं।
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पुलिस और शिक्षकों की भर्ती पहले
सरकार की प्राथमिकता में न्यायायिक पचड़ों को सुलझाकर सालों से फंसी
शिक्षक व पुलिस की भर्ती प्रक्रिया को पहले अमली जामा पहनाने की है। यही वजह है
सरकार सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है।
