माध्यमिक शिक्षा चयन बोर्ड : अध्यक्ष व दो सदस्यों के काम करने पर रोक –
लखनऊ। योग्यता दरकिनार कर सत्ता में पैठ रखने वालों को ही
वैधानिक पद पर बैठाने वाली सपा सरकार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है।
कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए सोमवार को बोर्ड की कार्यवाहक अध्यक्ष अनीता
यादव व दो सदस्य आशालता सिंह व ललित कुमार श्रीवास्तव के कार्य करने पर रोक लगा दी
है। अदालत के इस फैसले से चयन बोर्ड में चल रही विभिन्न पदों की नियुक्तियां
प्रभावित होने के आसार हैं।
यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन तथा न्यायमूर्ति एके मिश्र
की खंडपीठ ने अभिलाषा मिश्रा की याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि कुलपति, प्रशासनिक
सेवा में सचिव स्तर के अधिकारी, शिक्षा निदेशक या शिक्षा के
क्षेत्र में प्रमुख स्थान रखने वाले ही बोर्ड के अध्यक्ष हो सकते हैं। वर्तमान
कार्यवाहक अध्यक्ष अनीता यादव अध्यक्ष पद की योग्यता नहीं रखती। ये एलटी अध्यापिका
मात्र हैं। इसी तरह सदस्य आशालता सिंह 2007 तक विषय विशेषज्ञ
थीं। ललित श्रीवास्तव 2003 तक क्लर्क थे बाद में एलटी
अध्यापक हुए। इन दोनों को सदस्य नियुक्त किया गया है जो सदस्य बनने की योग्यता
नहीं रखते। अयोग्य सदस्य व अध्यक्ष प्रधानाचार्यों एवं अध्यापकों की नियुक्ति कर
रहे हैं। याचिका में अधिकार पृच्छा (कोवारंटो) जारी करते हुए इनके द्वारा चयन करने
पर रोक लगाने की मांग की गयी है। इससे पूर्व कोर्ट ने राज्य सरकार से वस्तुस्थिति
की जानकारी मांगी थी। संतोषजनक जवाब न मिलने पर पद के योग्य न मानते हुए कोर्ट ने
इनके काम करने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने प्रदेश के मुख्य सचिव को याचिका में
उठाये गये मुद्दों पर तीन हफ्ते में व्यक्तिगत जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश
दिया है। याचिका की सुनवाई 8 अगस्त को होगी।
साभार दैनिक जागरण
