टीईटी
के फर्जी प्रमाण पत्र से बने शिक्षक तो बीएसए होंगे जिम्मेदार
प्रशिक्षु
शिक्षक का नियुक्ति पत्र देने से पहले टीईटी प्रमाण पत्रों का अनिवार्य रूप से
मिलान किया जाएगा। इसमें अधिकारी पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही नियुक्ति पत्र
देंगे। इसके बावजूद कोई फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे प्रशिक्षु शिक्षक बनने में सफल
होता है तो इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार होंगे। सचिव बेसिक शिक्षा
एचएल गुप्ता ने इस संबंध में नए सिरे से निर्देश जारी कर दिए हैं।
प्रदेश
में मौजूदा समय प्राइमरी स्कूलों में 72,825
प्रशिक्षु
शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। भर्ती प्रक्रिया में कुछ जिलों में टीईटी
के फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे नियुक्ति पाने का खेल चल रहा है। इसकी जानकारी
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को भी मिली है। सचिव
बेसिक शिक्षा ने कहा है निदेशक यह व्यवस्था कराएंगे कि कोई भी अभ्यर्थी फर्जी प्रमाण
पत्र के सहारे नौकरी पाने में सफल न हो। जांच के दौरान यदि टीईटी प्रमाण पत्र में
किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित अभ्यर्थी के खिलाफ एफआईआर कराई
जाएगी। इसके बाद भी ऐसे अभ्यर्थी नियुक्ति पाने में सफल होते हैं तो संबंधित
अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
साभार अमरउजाला