Tuesday, April 21, 2015

शिक्षक भर्ती: नियुक्ति पत्र मिलने से पहले 'कंडीशन'
प्रशिक्षु शिक्षक का नियुक्ति पत्र देने से पहले टीईटी प्रमाण पत्रों का अनिवार्य रूप से मिलान किया जाएगा। इसमें अधिकारी पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही नियुक्ति पत्र देंगे।

इसके बावजूद कोई फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे प्रशिक्षु शिक्षक बनने में सफल होता है तो इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार होंगे। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने इस संबंध में नए सिरे से निर्देश जारी कर दिए हैं।

प्रदेश में मौजूदा समय प्राइमरी स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। भर्ती प्रक्रिया में कुछ जिलों में टीईटी के फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे नियुक्ति पाने का खेल चल रहा है।

इसकी जानकारी राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) को भी मिली है। सचिव बेसिक शिक्षा ने कहा है निदेशक यह व्यवस्था कराएंगे कि कोई भी अभ्यर्थी फर्जी प्रमाण पत्र के सहारे नौकरी पाने में सफल न हो।

जांच के दौरान मिली ‌गड़बड़ी तो दर्ज होगी एफआईआर


जांच के दौरान यदि टीईटी प्रमाण पत्र में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित अभ्यर्थी के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी। इसके बाद भी ऐसे अभ्यर्थी नियुक्ति पाने में सफल होते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया में नौ जिलों से बार-बार सूचना मांगने के बाद भी जानकारी उपलब्ध नहीं कराने की शिकायत मिल रही थीं।

यह स्थिति तब है जब राज्य सरकार को 22 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में भर्ती के संबंध में पूरी जानकारी देनी है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्राइमरी स्कूलों में प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। अब तक पांच चरणों की काउंसलिंग हो चुकी है।

अब भी भटक रहे आवेदनकर्ता


सचिव बेसिक शिक्षा ने 26-27 मार्च को पात्रों को नियुक्ति पत्र देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी अधिकतर जिलों में नियुक्ति पत्र नहीं बांटे जा सके हैं। कई जिलों में अब भी पात्रों को नियुक्ति पत्र के लिए भटकना पड़ रहा है।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) ने जिलेवार भरे गए पदों की सूचना मांगी थी, लेकिन नौ जिलों आगरा, एटा, कानपुर नगर, कौशांबी, कुशीनगर, मैनपुरी, मिर्जापुर, पीलीभीत व संतकबीर नगर ने सूचना नहीं दी है।

एससीईआरटी इन जिलों से अब तक सात बार सूचना मांग चुकी है। अब इन जिलों को निर्देश दिया गया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पहले सभी सूचनाएं तैयार कर ली जाएं जिससे सचिव को जानकारी दी जा सके।



साभार अमरउजाला