आत्मदाह को मजबूर हुए शिक्षक की थम गई
सांस
Mon, 13 Jan 2014 02:11 AM (IST)
लखनऊ।
औरैया में खाकी के स्याह पहलू की और एक तस्वीर शनिवार को सामने आई। दरअसल, दरोगा की बदसलूकी से आहत होकर आत्मदाह को मजबूर हुए शिक्षक की अस्पताल में
सांसें टूट गई। उसका शव शनिवार शाम घर पहुंचने पर भीड़ ने सहायल रोड जाम कर दिया।
कुछ देर में बाजार बंद हो गया। सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया जाने लगा। पुलिस के
अधिकारी घंटों बाद मौके पर पहुंचे। भीड़ जुटने के साथ तल्ख होते माहौल के बीच पुलिस
और पीएसी को बुला लिया गया। शव शनिवार से रविवार दोपहर तक वैसे ही रखा रहा लोग
प्रदर्शन करते रहे और आला अधिकारी कुछ सुनने को तैयार नहीं दिखे। हालांकि देर रात
उन्हें एडीएम ने आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
उल्लेखनीय है कि एक जनवरी को प्राथमिक विद्यालय नंदपुर के शिक्षक
सौरभ सक्सेना ने दिबियापुर के दरोगा एसपी सिंह यादव की बदसलूकी से आहत होकर सहायल
तिराहे पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा ली थी। गंभीर हालत में शिक्षक को पहले सीएचसी
लाया गया था जहां से परिवारीजन बेहतर इलाज के लिए उसे कानपुर के एक निजी हास्पिटल
ले गए थे। शिक्षक की मां रत्नेश देवी ने थाने में और पुलिस अधीक्षक को शिकायत में
आरोप लगाया था कि दरोगा ने उनके बेटे को 29 दिसबंर को परमहंस नगर
में भंडारे में गाली गलौज कर भरी भीड़ में मुर्गा बनाया था इससे आहत हो बेटे ने
आत्मघाती कदम उठाया।
घटना के तीन दिन बाद पुलिस हरकत में आई और सीओ सदर अमित राय ने एसओ
रामलाल पाण्डेय के साथ कानपुर पहुंचकर शिक्षक के बयान दर्ज किए थे। घटनास्थल पर
जाकर सीओ ने दो दर्जन से अधिक लोगों के बयान लिए थे। दरोगा के खिलाफ कार्रवाई न
होने की बात उठने पर सीओ ने संलिप्तता को लेकर कोई सबूत न मिलने की बात कह दरोगा
को एक तरह से क्लीनचिट दे दी थी। इधर शनिवार कानपुर के अस्पताल में मौत से संघर्ष
कर रहे सौरभ ने दम तोड़ दिया।
