शिक्षणेत्तर कर्मियों की एसीपी व्यवस्था में बदलाव
सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के शिक्षणेत्तरकर्मियों के लिए अच्छी खबर है। इनके लिए सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नयन (एसीपी) व्यवस्था में बदलाव किया गया है। इस संबंध में शासन ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
पहले शासन से वित्तीय सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं के शिक्षणेत्तर कर्मियों को एसीपी का लाभ 10, 18 और 26 वर्ष की सेवा पर मिलता था लेकिन नए शासनादेश से शिक्षणेत्तर कर्मियों को 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पर क्रमश: पहला, दूसरा एवं तीसरा वित्तीय स्तरोन्नयन का लाभ मिलेगा। पहले वित्तीय स्तरोन्नयन के रूप में अनुमन्य ग्रेड वेतन में छह वर्ष की निरंतर संतोषजनक सेवा पूरी करने पर दूसरा वित्तीय स्तरोन्नयन, दूसरे वित्तीय स्तरोन्नयन के रूप में अनुमन्य ग्रेड वेतन में 10 वर्ष की संतोषजनक सेवा अथवा कुल 26 वर्ष की सेवा पूरा करने पर (जो पहले होगा) तीसरे वित्तीय स्तरोन्नयन का लाभ मिलेगा। फिर भी संबंधित कर्मचारी को पहले वित्तीय स्तरोन्नयन से पूर्व अथवा बाद में प्रोन्नति मिलती है तो प्रोन्नति की तिथि से छह वर्ष की सेवा पूरा करने पर प्रोन्नति पद के समान ग्रेड वेतन से आगे का ग्रेड वेतन दूसरे वित्तीय स्तरोन्नयन के रूप में मिलेगा। वहीं, ऐसे कर्मचारी जिन्हें 14 वर्ष की सेवा पर पूर्व व्यवस्था के मुताबिक अगले वेतनमान का लाभ मिल चुका है, उन्हें लाभ मिलने की तिथि से दो वर्ष की सेवा अथवा एक दिसंबर 2008 (जो भी बाद में हो) से दूसरे वित्तीय स्तरोन्नयन के रूप में अगला ग्रेड वेतन मिलेगा। पूर्व व्यवस्था के मुताबिक जिन कर्मचारियों को पहला व्यक्तिगत प्रोन्नति अथवा अगला वेतनमान 16 वर्ष की सेवा के आधार पर मिल चुका है, उन्हें एक दिसंबर 2008 से दूसरा वित्तीय स्तरोन्नयन अनुमन्य होगा। एसीपी की इस व्यवस्था में वित्तीय स्तरोन्नयन के लिए अगले ग्रेड वेतन की अनुमन्यता के लिए ग्रेड वेतन 19 सौ के बाद दो हजार के ग्रेड वेतन की जगह ग्रेड वेतन 24 सौ का मिलेगा।
साभार - जागरण संवाददाता, इलाहाबाद :