रंग लाने लगे हैं ‘रूसा’ के प्रयास
नई दिल्ली (एजेंसी)। दक्ष शिक्षकों एवं
आधारभूत संरचना की कमी, शिक्षण संस्थाओं के गुणवत्ता मूल्यांकन का ढांचा एवं तकनीकी शिक्षण
संस्थाओं की कमी जैसी समस्याओं के मद्देनजर मानव संसाधन विकास मंत्रालय के
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के प्रयास रंग लाने लगे हैं। जिसके तहत
अनेक शिक्षण संस्थाओं ने सहयोग मांगा है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने रूसा के
तहत सभी राज्यों से प्रस्ताव तैयार करने और राज्य उच्च शिक्षा परिषद गठित करने को
कहा है। मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि रूसा के तहत राज्यों की शिक्षण संस्थाओं
से करीब 500 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिनमें सरकारी संस्थान, गैर सहायता
प्राप्त विश्वविद्यालय और राज्य विश्वविद्यालय शामिल हैं। रूसा के तहत देश में 108 स्वायत्त
कालेजों को विवि का दर्जा देने,
100 नए विवि स्थापित करने, 306 राज्य
विश्वविद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने, 288 नए मॉडल कालेज
स्थापित करने समेत काफी संख्या में कालेजों में आधारभूत सुविधाओं का विकास करने का
प्रस्ताव किया गया है। उच्च शिक्षण संस्थाओं की गुणवत्ता की जांच परख की पहल के
बावजूद आठ जुलाई 2013 तक देश के महज 179 विश्वविद्यालयों (करीब 24
प्रतिशत) ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रमाणन
परिषद (नैक) से मूल्यांकन कराया है। देश के 5,156 कालेज नैक से मान्यता
प्राप्त हैं। रंग लाने लगे हैं ‘रूसा’ के प्रयास उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए राज्यों की शिक्षण
संस्थाओं से मिले 500 आवेदन