बिना
प्रधानाचार्य के चल
रहे 80 फीसदी जीआईसी
कार्यवाहक
प्रधानाचार्य के भरोसे राजकीय इंटर काॅलेज
अध्यापकों
की नियुक्ति नहीं होने से पठन-पाठन ठप
प्रदेश
के अधिकांश राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) इस समय प्रधानाचार्य और शिक्षक विहीन चल
रहे हैं। जीआईसी में लंबे समय से शिक्षकों के खाली पदों पर नियुक्ति और विभागीय
प्रोन्नति नहीं होेने से नए शैक्षिक सत्र में पठन-पाठन ठप सा पड़ गया है। 80 फीसदी से अधिक स्कूलों में कार्यवाहक प्रधानाचार्य काम कर रहे हैं। आंकड़ों
के मुताबिक प्रदेश के अधिकांश राजकीय इंटर और राजकीय माध्यमिक कॉलेजों में 10 हजार से अधिक शिक्षकों के पद खाली हैं।
राष्ट्रीय
माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत प्रदेश में बड़ी संख्या में माध्यमिक विद्यालयों को
उच्चीकृत करके इंटर कॉलेज और जूनियर हाई स्कूलों को उच्चीकृत करके माध्यमिक
विद्यालयों में बदल दिया गया। इन विद्यालयों के गठन के बाद भी प्रदेश में शिक्षकों
की नई भर्ती नहीं हुई। प्रदेश में इस समय 615
जीआईसी-जीजीआईसी
एवं 854 राजकीय माध्यमिक
विद्यालयों में शिक्षण कार्य चल रहा है।
राजकीय
शिक्षक संघ से जुड़े एक पदाधिकारी ने बताया कि पिछले 10 वर्ष से राजकीय कॉलेजों में शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति नहीं होने और
विभागीय प्रोन्नति नहीं होने से बड़ी संख्या में कॉलेजों में प्रधानाचार्य के पद
खाली हैं।
साभार अमरउजाला