विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ
भर्ती होंगे 4 हजार शिक्षक
• अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। प्रदेश के राज्य
विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती का रास्ता
साफ हो गया है। शासन ने भर्ती से जुड़े यूजीसी के नए नियमों को मंजूरी दे दी है।
कुलपति सम्मेलन में उच्च शिक्षण संस्थानों में फीस बढ़ाने पर विचार के लिए एक
कमेटी गठित करने और शोध कराने वाले शिक्षकों की योग्यता भी परखने का सुझाव आया है।
योजना भवन में दो दिनी
कुलपति सम्मेलन रविवार को शुरू हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य सचिव जावेद उस्मानी
ने किया। इसमें पहले ही दिन कई अहम नतीजे सामने आए। प्रदेश के उच्च शिक्षण
संस्थानों में इस समय शिक्षकों के करीब 4000 पद रिक्त
हैं।
मगर भर्ती के संबंध में
यूजीसी के वर्ष 2010 केदिशानिर्देर्शों को लागू करने का फैसला शासन
स्तर पर लंबित होने की वजह से शिक्षकों की भर्ती नहीं हो पा रही थी।सम्मेलन की
अध्यक्षता कर रहे प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा नीरज गुप्ता ने बताया कि शासन ने यूजीसी
के 2010 के नियमों को मंजूरी दे दी है। अब कुलपति उच्च
शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी कार्यवाही शुरू कर सकेंगे। इसके
अलावा वर्षों से उच्च शिक्षण संस्थानों में फीस न बढ़ाने से महंगाई की वजह से
संस्थानों की बढ़ती मुश्किलों की बात उठी। शासन ने फीस बढ़ाने पर विचार के लिए एक
कमेटी गठित करने की बात कही है।
‘बेटियों पर बढ़ाएं उच्च शिक्षा का
फोकस’
लखनऊ(ब्यूरो)। प्रदेश सरकार
ने राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को उच्च शिक्षा का फोकस अल्पसंख्यक बहुल
इलाकों व बालिकाओं पर केंद्रित करने की सलाह दी है। मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने
कहा है कि सरकार अल्पसंख्यक बहुल जिलों में नए राजकीय महाविद्यालय खोलने जा रही है
जिसमें बीएड पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।