Tuesday, December 17, 2013


अवमानना मामले में हाईकोर्ट सख्त

बेसिक शिक्षा सचिव पर ठोका 5000 हर्जाना

अमर उजाला ब्यूरो



लखनऊ। अवमानना के एक मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने सूबे के
 बेसिक शिक्षा सचिव नीतीश्वर कुमार पर पांच हजार रुपये हर्जाना ठोका है।         कोर्ट ने अफसर को 5 फरवरी को यह कारण बताने के लिए तलब भी किया है कि उस पर
अवमानना के आरोप क्यों न निर्धारित किए जाएं। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया

 है कि अगर आदेश का पालन कर लिया जाता है तो अफसर को कोर्ट में पेश
नहीं होना होगा।
जस्टिस अजय लांबा ने सोमवार को यह आदेश संदीप कुमार की अवमानना

 याचिका पर दिया। इसमें रिट कोर्ट के 5 दिसंबर 2012 के आदेश का पालन
न किए जाने का आरोप था। कोर्ट ने मामले में पहले पक्षकार अफसर को नोटिस जारी
किया था। मामले की सुनवाई के समय सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि
पक्षकार अफसर को अवगत कराए जाने के बाद भी उसकी तरफ से मुख्य स्थायी
अधिवक्ता दफ्तर में कोई निर्देश नहीं प्राप्त हुए।
इस पर अदालत ने कहा कि प्रथमदृष्टया लगता है कि अफसर कोर्ट की प्रक्रिया
व  आदेश के प्रति सम्मान नहीं रखता है।अदालत ने सख्त रुख अपनाकर कोर्ट का समय बर्बाद करने के लिए अफसर पर पांच हजार रुपये का हर्जाना लगाया। साथ
ही कहा कि हर्जाने की यह रकम उस अफसर या कर्मी के वेतन से काटी जाएगी,
जो कानून की प्रक्रिया में देरी करने का जिम्मेदार पाया जाए। कोर्ट ने मामले की
अगली सुनवाई 5 फरवरी को नियत की है।

 

 साभार अमरउजाला